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मंगलवार को EUR/USD मुद्रा जोड़ी ने 1.1362 और 1.1461 के बीच बने साइडवेज़ (Sideways) चैनल के भीतर ही कारोबार जारी रखा। इसका अर्थ है कि बाजार पिछले दो सप्ताह से अधिक समय से एक फ्लैट (Flat/Range-Bound) स्थिति में बना हुआ है। जब बाजार फ्लैट रहता है, तो कम अस्थिरता (Low Volatility) स्वाभाविक मानी जाती है।
यहां तक कि मंगलवार को, जब अमेरिका की महत्वपूर्ण महंगाई (Consumer Price Index - CPI) रिपोर्ट जारी हुई और केविन वार्श (Kevin Warsh) ने कांग्रेस में भाषण दिया, तब भी तकनीकी तस्वीर (Technical Picture) में कोई बड़ा बदलाव नहीं आया।
हालांकि, CPI रिपोर्ट जारी होने के तुरंत बाद कीमत में तेज़ उछाल देखने को मिला, लेकिन दिन समाप्त होने तक कीमत फिर उसी स्तर पर लौट आई, जहां से उसने शुरुआत की थी। इसलिए लेखक के अनुसार, महंगाई रिपोर्ट का बाजार के ट्रेंड पर कोई स्थायी प्रभाव नहीं पड़ा।
लेखक का कहना है कि यही बात केविन वार्श के भाषण पर भी लागू होती है, जिसका कई ट्रेडर बेसब्री से इंतजार कर रहे थे।
जहां तक महंगाई के आंकड़ों का सवाल है, वे अर्थशास्त्रियों के अनुमान से कम रहे। इससे इस वर्ष के अंत तक फेडरल रिजर्व द्वारा मौद्रिक नीति को और सख्त (Monetary Tightening) करने की संभावना कुछ कम हो गई है। हालांकि, लेखक यह भी याद दिलाते हैं कि मध्य पूर्व में संघर्ष फिर से शुरू हो चुका है, इसलिए ऊर्जा कीमतों में बढ़ोतरी के कारण आने वाले महीनों में महंगाई दोबारा तेज़ हो सकती है।
तकनीकी दृष्टिकोण से, लेखक का मानना है कि जल्द ही एक नया गिरावट वाला ट्रेंड (Downtrend) शुरू हो सकता है।
इसके पीछे उनके प्रमुख कारण हैं:
हालांकि, लेखक यह भी स्वीकार करते हैं कि हाल के सप्ताहों में यह जोड़ी स्पष्ट तेजी या गिरावट की बजाय साइडवेज़ मूवमेंट में अधिक रही है। यही कारण है कि बाजार अभी भी फ्लैट (Range-Bound) स्थिति में बना हुआ है।
5-मिनट (5M) के चार्ट पर मंगलवार को कोई स्पष्ट ट्रेडिंग सिग्नल नहीं बना।
अमेरिकी ट्रेडिंग सत्र की शुरुआत में, जब महंगाई रिपोर्ट जारी हुई, तब कीमत में तेज़ उछाल आया, लेकिन यह मूवमेंट इतनी तेजी से हुआ कि ट्रेडरों को उस पर प्रतिक्रिया देने या ट्रेड में प्रवेश करने का उचित अवसर नहीं मिला। इसलिए लेखक के अनुसार, मंगलवार को बाजार में प्रवेश करने का कोई ठोस तकनीकी आधार मौजूद नहीं था।
सबसे हालिया COT रिपोर्ट 7 जुलाई की है। साप्ताहिक (Weekly) चार्ट पर दिए गए चित्र से स्पष्ट होता है कि गैर-व्यावसायिक (Non-commercial) ट्रेडर्स की नेट पोजीशन (Net Position) अभी भी बुलिश (Bullish) बनी हुई है, लेकिन भू-राजनीतिक घटनाओं (Geopolitical Events) के कारण इसमें उल्लेखनीय कमी आई है।
पिछले कुछ महीनों में ट्रेडर्स ने यूरो की होल्डिंग घटाकर अमेरिकी डॉलर को प्राथमिकता दी है। लेखक के अनुसार, डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों में कोई विशेष बदलाव नहीं आया, लेकिन कुछ समय के लिए डॉलर ने "रिज़र्व करेंसी (Reserve Currency)" की भूमिका निभाते हुए निवेशकों को आकर्षित किया। हालांकि, लेखक का मानना है कि यह प्रक्रिया अब संभवतः समाप्त हो चुकी है।
लेखक के अनुसार, उन्हें अभी भी यूरो को मजबूत करने वाले कोई ठोस मौलिक (Fundamental) कारण दिखाई नहीं देते, जबकि अमेरिकी डॉलर के कमजोर होने के लिए पर्याप्त कारण मौजूद हैं।
उनका मानना है कि मध्य पूर्व में युद्ध ने अस्थायी रूप से डॉलर को अत्यधिक आकर्षक बना दिया था, लेकिन जब इस कारक का प्रभाव समाप्त हो जाएगा, तो बाजार फिर सामान्य स्थिति में लौट सकता है। लेखक के अनुसार, संभव है कि यह प्रक्रिया अब शुरू भी हो चुकी हो।
दीर्घकालिक (Long-Term) दृष्टिकोण से लेखक का अनुमान है कि यूरो 1.08 डॉलर (ट्रेंड लाइन के आसपास) तक गिर सकता है, लेकिन इसके बावजूद दीर्घकालिक तेजी (Uptrend) अभी भी कायम रहेगी। साथ ही, वे यह भी बताते हैं कि हाल के महीनों में डॉलर की मजबूती के बावजूद यह जोड़ी अभी तक इस ट्रेंड लाइन के बहुत करीब नहीं पहुंची है।
इंडिकेटर की लाल (Red) और नीली (Blue) रेखाओं की स्थिति यह दर्शाती है कि बुल्स (Buyers) और बेयर्स (Sellers) के बीच फिलहाल लगभग संतुलन बना हुआ है।
पिछले रिपोर्टिंग सप्ताह के दौरान:
1-घंटे (1H) के चार्ट पर पिछले दो महीनों से चल रहे गिरावट के रुझान (Downtrend) के भीतर एक सुधारात्मक तेजी (Corrective Uptrend) अभी भी बनी हुई है। हालांकि, पिछले दो सप्ताह से यह मुद्रा जोड़ी केवल 1.1362 और 1.1461 के बीच ही कारोबार कर रही है।
लेखक के अनुसार, मध्य पूर्व की स्थिति अभी भी तनावपूर्ण है और उसमें कोई सुधार नहीं दिख रहा है। साथ ही, बाजार यूरो के पक्ष में मौजूद कई सकारात्मक कारकों की अनदेखी कर रहा है। इसलिए उनके अनुसार, यूरो में तेजी की तुलना में नई गिरावट आने की संभावना अधिक दिखाई देती है।
साथ ही, निम्नलिखित Ichimoku Indicator की रेखाओं पर भी ध्यान देना चाहिए:
लेखक याद दिलाते हैं कि Ichimoku की रेखाएँ दिन के दौरान बदल सकती हैं, इसलिए ट्रेडिंग सिग्नल निर्धारित करते समय इसे ध्यान में रखना चाहिए।
यदि कीमत ट्रेड की दिशा में 15 पिप्स आगे बढ़ जाए, तो स्टॉप-लॉस (Stop Loss) को ब्रेक-ईवन (Breakeven) पर ले जाने की सलाह दी गई है। इससे गलत सिग्नल की स्थिति में संभावित नुकसान से बचाव हो सकता है।
लेखक के अनुसार, बुधवार को केविन वार्श (Kevin Warsh) एक बार फिर अमेरिकी कांग्रेस में बयान देंगे। हालांकि, यदि उनके पहले भाषण का बाजार पर कोई विशेष प्रभाव नहीं पड़ा, तो दूसरे भाषण से भी बड़ी प्रतिक्रिया की संभावना कम है।
इसके अलावा:
लेखक का मानना है कि कल की CPI रिपोर्ट के बाद आज का PPI बाजार के लिए अपेक्षाकृत कम महत्व रखता है।
लेखक के अनुसार, इस जोड़ी में फिलहाल अस्थिरता (Volatility) कमजोर बनी हुई है।